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Chapter 8 : वैश्वीकरण (Globalization) B1
12th Polity

Chapter 8 : वैश्वीकरण (Globalization) B1

  वैश्वीकरण: एक परिचय वैश्वीकरण (Globalization) का अर्थ है विभिन्न देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, और राजनीतिक संबंधों का बढ़ता हुआ घनिष्ठता और पारस्परिक निर्भरता। यह एक ऐसा प्रक्रिया है जिसमें दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उत्पाद, सेवाएं, विचार, और प्रौद्योगिकियां आसानी से साझा की जा सकती हैं। वैश्वीकरण […]

Chapter 1- राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation-Building) B2
12th Polity

Chapter 1- राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ (Challenges of Nation-Building) B2

राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ: एक परिचय राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता राष्ट्र निर्माण की थी। यह न केवल एक राजनीतिक कार्य था, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत जटिल प्रक्रिया थी। 1947 में देश का विभाजन, सांप्रदायिक हिंसा, […]

Chapter 2- एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance)
12th Polity

Chapter 2- एक दल के प्रभुत्व का दौर (Era of One-Party Dominance)

एक दल के प्रभुत्व का दौर: परिचय स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत ने अपने लोकतांत्रिक स्वरूप के निर्माण की यात्रा शुरू की। इस समय एक विशिष्ट राजनीतिक परिघटना ने आकार लिया जिसे “एक दल के प्रभुत्व का दौर” कहा जाता है। यह दौर भारतीय राजनीति के प्रारंभिक वर्षों (1952-1967) में […]

नियोजित विकास की राजनीति
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Chapter-3: नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development)B2

नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) नियोजित विकास की राजनीति” भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण विषय है, जो स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक विकास के प्रयासों से जुड़ा है। 1947 में स्वतंत्रता के बाद भारत एक नए रास्ते पर चला, जहाँ नीति-निर्माताओं का […]