सत्ता की साझेदारी। श्रीलंका में जातीय संघर्ष और गृहयुद्ध। बेल्जियम में भाषाई संघर्ष। सत्ता की साझेदारी ऐसी शासन व्यवस्था होती है जिसमें समाज के प्रत्येक समूह और समुदाय की भागीदारी होती है। सत्ता की साझेदारी ही लोकतंत्र का मूलमंत्र है। लोकतांत्रिक सरकार में प्रत्येक नागरिक की हिस्सेदारी होती है, जो भागीदारी […]
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अध्याय 2 : संघवाद ( नागरिक शस्त्र )
संघवाद (Federalism): परिचय संघवाद (Federalism) एक ऐसी शासन प्रणाली है जिसमें सत्ता का विभाजन केंद्र सरकार और क्षेत्रीय सरकारों (राज्य या प्रांतीय सरकारों) के बीच होता है। यह प्रणाली विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में सहायक होती है। संघवाद भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश के लिए […]
अध्याय 3 : लोकतंत्र और विविधता( नागरिक शस्त्र )
लोकतंत्र और विविधता लोकतंत्र और विविधता प्रतिस्पर्धा एवं जनसंघर्ष का अर्थ लोकतंत्र के विकास में प्रतिस्पर्धा और जनसंघर्ष का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है | जब शासक और शासन में भागीदारी चाहनेवालों अर्थात् जनता के बीच संघर्ष होता है तो ऐसी स्थिति में ही लोकतंत्र मजबूत होता है और उसका विकास […]
अध्याय 4 : जाति, धर्म और लैंगिक मसले( नागरिक शस्त्र )
जाति, धर्म और लैंगिक मसले :सामाजिक विभाजन एवं राजनीति में जाति सामाजिक विभाजन के निर्धारक तत्त्वों में जाति एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है | राजनीति में जाती सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों रूपों में अपनी भूमिका निभाती है | जातिगत विषमताएँ – दुनिया के अन्य समाजों से भिन्न भारतीय समाज की […]