मुद्रा एवं बैंकिंग ( Money and Banking) मुद्रा एवं बैंकिंग मुद्रा को ऐसी वस्तु के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जो विनिमय के माध्यम, मूल्य के मापक, स्थगित भुगतानों के माप तथा मूल्य संचय हेतु, संचय रूप से स्वीकार की जाती है। मुद्रा आपूर्ति मुद्रा पूर्ति से […]
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अध्याय-4: आय और रोजगार के निर्धारण
आय और रोजगार के निर्धारण आय और रोजगार के निर्धारण : समग्र माँग एक अर्थव्यवस्था के समस्त क्षेत्रों द्वारा एक दिए हुए आय स्तर पर एवं एक निश्चित समयावधि में समस्त अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के नियोजित क्रय के कुल मूल्य को समग्र मांग कहते हैं। एक अर्थव्यवस्था […]
अध्याय-5: सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था
सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था सरकारी बजट यह आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित व्ययों एवं अनुमानित प्राप्तियों का वार्षिक वित्तीय विवरण है। बजट के मुख्य उद्देश्य संसाधनों का पुनः आवंटन आय व धन का पुनः वितरण आर्थिक स्थिरता सार्वजनिक उद्यमों का प्रबन्ध आर्थिक विकास निर्धनता एवं बेरोजगारी […]
अध्याय-6: खुली अर्थव्यवस्थाः समष्टि अर्थशास्त्र
खुली अर्थव्यवस्थाः समष्टि अर्थशास्त्र खुली अर्थव्यवस्था, भुगतान शेष भुगतान शेष एक वर्ष की अवधि में किसी देश के सामान्य निवासियों और शेष विश्व के बीच समस्त आर्थिक लेन – देनों का एक विस्तृत एवं व्यवस्थित विवरण होता है। इसे विदेशी विनिमय के वार्षिक अन्त : प्रवाह तथा बाह्य प्रवाह का […]




