संसाधन एवं विकास एक वस्तु जो हमारे आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रयुक्त की जा सकती है, और जिसको बनाने के लिए प्रौद्योगिकी उपलब्ध हो जो आर्थिक रूप से संभाव्य और सांस्कृतिक रूप से माने हैं एक संसाधन है। मानव प्रौधोगिकी द्वारा प्रकृति के साथ क्रिया करते हैं और अपनी आर्थिक विकास […]
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अध्याय 2 : वन एवं वन्य जीव संसाधन ( भूगोल )
वन एवं वन्य जीव संसाधन वन एक नवीकरणीय संसाधन है | इसका हमारे आर्थिक विकास में विशेष योगदान है | वन स्थानीय जलवायु में सुधार करते हैं, मृदा अपरदन को नियंत्रित करते हैं, नदी प्रवाह को नियमित करते हैं तथा विविध उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति करते हैं | […]
अध्याय 3 : जल संसाधन( भूगोल )
जल संसाधन जल जैसा कि आप जानते हैं कि तीन-चौथाई धरातल जल से ढका हुआ है, परंतु इसमें प्रयोग में लाने योग्य अलवणीय जल का अनुपात बहुत कम है। यह अलवणीय जल हमें सतही अपवाह और भौमजल स्रोत से प्राप्त हाता है, जिनका लगातार नवीकरण और पुनर्भरण जलीय चक्र […]
अध्याय 4 : कृषि संसाधन ( भूगोल )
कृषि संसाधन कृषि संसाधन कृषि संसाधन:- कृषि भूमि उपयोग – भूमि एक अमूल्य संसाधन है | कृषि प्रधान देश में इसका बहुत अधिक महत्त्व है | वन तथा गैर-कृषि कार्यों में लगी भूमि भी महत्त्वपूर्ण है, किन्तु यहाँ स्थायी चारागाह की बहुत कमी है | 2002-03 में भूमि उपयोग के आँकड़ें […]




