नात्सीवाद और हिटलर का उदय नात्सीवाद और हिटलर का उदय यह अध्याय जर्मनी में नात्सीवाद के उदय और एडॉल्फ हिटलर के नेतृत्व में इसके प्रभाव की व्याख्या करता है। यह विषय 20वीं शताब्दी के इतिहास में महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दुनिया को द्वितीय विश्व युद्ध और मानवता पर गंभीर प्रभाव […]
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अध्याय-4: वन्य-समाज और उपनिवेशवाद
वन्य-समाज और उपनिवेशवाद वन्य-समाज और उपनिवेशवाद -परिचय: यह अध्याय उन वन्य समाजों और उनके जीवन के तरीकों पर प्रकाश डालता है, जिन्हें औपनिवेशिक काल में ब्रिटिश शासन के दौरान गहराई से प्रभावित किया गया। औपनिवेशिक शासन ने वन्य समाजों के पारंपरिक जीवन, उनके आर्थिक संसाधनों और उनकी संस्कृति को बदलने […]
अध्याय-5: आधुनिक विश्व में चरवाहे
आधुनिक विश्व में चरवाहे ( सामाजिक विज्ञान)परिचय: आधुनिक विश्व में चरवाहे, चरवाहे मानव इतिहास के सबसे पुराने समुदायों में से एक हैं, जिनकी आजीविका पशुपालन पर निर्भर करती है। आधुनिक समय में, चरवाहों का जीवन, उनकी परंपराएं और आर्थिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। यह अध्याय हमें बताता […]
अध्याय-1: भारत आकार और स्थिति
अध्याय-1: भारत आकार और स्थिति भारत आकार और स्थिति भारत आकार और स्थिति, भारत (India) विश्व के सबसे प्राचीन देशों में से एक है और इसके भौगोलिक स्वरूप और स्थिति ने इसे विश्व में एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान किया है। भारत का भूगोलिक स्थान, आकार और विस्तार न केवल देश […]